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Mission and Vision



जय माँ सरस्वती 





''Our motto is to provide value addition to our beloved students/institutes throughout their association with us within our pre-designed framework. We'll continue to ensure that our commitment to fulfill the aim of sending at least one student from each block of Bihar and Jharkhand to the IIT campus year every year. At the same time, we also endeavour to development career opportunities to our associates and highest possible returns to our Business partners.''

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The First Class

पहले क्लास का,किसी भी संस्थान में, बहुत महत्व होता है. पहले दिन छात्र बहुत ही उत्साहित रहते हैं. और उत्सुक भी. वे अपने नए संस्थान , नए कोर्स , नए टीचर , नयी किताब इन सबों के बारे में जितना जल्दी हो सके जानना चाहते हैं. फिजिक्स क्लासेज के पहले क्लास में छात्र  विख्यात फिजिक्स गुरु ई० एस० मिश्रा सर से रूबरू होते हैं. परिचय के बाद शिक्षण विधि की व्याख्या होती है. जो छात्र किसी कारणवश यह क्लास नहीं कर पाए  वे इस ब्लॉग की मदद से उसकी जानकारी हासिल कर सकते हैं. क्लास में ये लेकर आयें : 1. एक अच्छा गत्ते वाला नोट बुक ( रजिस्टर) : इस का उपयोग सब्जेक्ट का नोट बनाने के लिए होता है. यह एक अच्छे क्वालिटी का नोट बुक होना चाहिए. गत्ते वाला इसलिए होना चाहिए कि यह दो तीन साल तक सुरक्षित रह सकता है . क्लास आते या जाते वक्त यदि बारिस इत्यादि का सामना हो जाये तो यह सुरक्षित रहेगा . इस नोट बुक में सर के द्वारा,क्लास के दौरान,  दी गयी सारी  महत्वपूर्ण जानकारियां  संग्रहित होंगी.  परीक्षा से कुछ दिन पहले इन्हीं का रिवीजन आपके लिए आवश्यक ह...

Mishra सर ने कहा - फिजिक्स माध्यम का मोहताज नहीं

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है और हमें गौरब है कि हम हिंदी में वे सारे काम कर सकते हैं जो इस मानव दुनिया में संभव है. तो क्या हम हिंदी माध्यम से भौतिकी यानी फिजिक्स का अध्ययन नहीं कर सकते? यह प्रश्न जब हमने Er S Mishra ,  जो भौतिकी के महागुरु कहलाते हैं तो वे मुस्कुराने लगे. कहने लगे विज्ञान भाषा का मोहताज़ नहीं है. यह तो समझने और समझाने की चीज है. आप किसी भी माध्यम से इसकी स्टडी कर सकते हैं. यह बात सही है कि उच्च शिक्षा में अनेक अच्छी पुस्तकें अंग्रेजी में ही उपलब्ध हैं. पर इंटर लेवल पर और ग्रेजुएशन लेवल पर तमाम अच्छे लेखकों की किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध है. आज अनेक छात्र तो हिंदी माध्यम से JEE और NEET देने लगे हैं और उसमे सफल भी होने लगे हैं. UPSC में तो हिंदी माध्यम का बोलबाला ही है. महज अज्ञानता के कारण हम अपनी भाषा को उपेक्षित कर रहे हैं. यद्यपि अच्छे शिक्षकों की कमी भी इसका एक कारण है. इसीलिए तो मैंने youtube पर एक चैनल शुरू किया है जिसमे मैं हिंदी माध्यम के  अपने क्लास का सीधा प्रसारण देता हूँ. कोई नही व्यक्ति उस चैनल पर जाकर इन क्लास को कर सकता है.इसका लिं...

Error Analysis

Significant Digits: चाहे किसी भी तरह का Measurement हो हमें न्यूमेरिकल वैल्यू प्राप्त करने के लिए एक scale का उपयोग करना पड़ता है. एक खास तरीके से हम स्केल को पढ़ते हैं, और जो Number मिलता है उसको हमलोग Reading या Measured Value के नाम से जानते हैं. इस Measured Value का आखिरी अंक (Digit) अनिश्चित (uncertain) होता है क्योंकि यह अनुमान पर आधारित होता है. अन्य सभी digit निश्चित (certain) होते हैं. इन दोनों तरह के digit को हम Significant Digit कहते हैं. इनकी संख्या अक्सर महत्वपूर्ण होती है और यह उपयोग किये गए Scale की Quality बताती है. किसी भी Measurement के लिए जितने अच्छे  Scale का उपयोग किया जायेगा Significant Digits की संख्या उतनी ही ज्यादा होगी. Counting Number of Significant Digits: सभी non zero अंक सिग्नीफिकेंट होते हैं.  ऐसे सभी जीरो जो दो नॉन जीरो के बीच आते हों वे सिग्नीफिकेंट होंगे.  अगर संख्या में दशमलव (decimal) का उपयोग किया गया हो तो आखिरी वाले जीरो सिग्नीफिकेंट होंगे अन्यथा नहीं होंगे.  पहले नॉन जीरो से पहले वाले जीरो सिग्नीफिकेंट नहीं होते हैं....

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